तो आज बात करते है कुछ चाणक्य नीति के बारे मै उसे पहले आइए जानते है की चाणक्य कौन है और क्या है उन की नीति | चाणक्य तो दोस्तों शायद ही क...
तो आज बात करते है कुछ चाणक्य नीति के बारे मै उसे पहले आइए जानते है की चाणक्य कौन है और क्या है उन की नीति |

चाणक्य
चाणक्य नीति
1. मन से सोचे हुए कर्य को वाणी द्वारा दुसरो को ना बताये मन मे अपने कर्य को सुरक्षित रखे और अपने कर्य को कर के दिखाएं |
2. जिस देश मे आदर - सम्मान नहीं जहा रहने का साधन नहीं कोई रिश्तेदार नही विद्या का कोई साधन नही ऐसा देश को छोड़ देना ही उच्चित है |
3. जिस जगह न ब्राह्मण , धनिक , राजा , नदी , या वैद्य ये पांच चीजे ना हो उस जगह पर एक दिन भी नही रहना चाहिए |
4. काम लेने पर नौकर , दुःख आने पर भाई - बंधु , मुसीबत मे मित्र / दोस्त और धन का नाश होने पर अपनी पत्नी की वास्तविकता की पहचान होती है |
5. किसी रोग मे दुःख आने पर , अकाल होने पर , शत्रु की और से किसी प्रकार का संकट आने पर , राज सभा मे , श्मशान अथवा किसी की मृत्यु के समय जो व्यक्ति आप का साथ नहीं छोड़ता वही सच्चा मित्र है |
6. जो लोग एक - दूसरे के भेद को प्रकट करता है | वे उसी प्रकार नष्ट हो जाते है जैसे बांबी मे फंसकर साप नष्ट हो जाता है |
दोस्तों ये आचर्य चाणक्य के कुछ नीति है एक - एक नीति बहुत कुछ बताती है | अगर हम ध्यान से देखे तो ये हमारे जीवन मे बहुत काम का है |
आचर्य चाणक्य की नीति यही पर ख़त्म नही होती ये तो बहुत कम है | अभी तो बहुत कुछ बाकी है |
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ध्यनबाद !

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